शायरी
बहुत सुहाना सफर था, दिल में गहरा जखम था...आंसुओं से भरा ये जिंदगी का हंसता हुआ कैसा सफर था....आपके संग मोहब्बत तो हुई, मोहब्बत भी लेकिन मोहब्बत न थी....ना जाने जिंदगी का कैसा ये सफर था....बहुत सुहाना सफर था,ना जाने आंसुओं से भरा जिंदगी का हंसता हुआ कैसा ये सफर था ........अनुराग
Bhut umda
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteVooow yar
ReplyDeleteExtremely good
ReplyDeleteNice lines
ReplyDelete