शायरी 

बहुत सुहाना सफर था, दिल में गहरा जखम था...

आंसुओं से भरा ये जिंदगी का हंसता हुआ कैसा सफर था....

आपके संग मोहब्बत तो हुई, मोहब्बत भी लेकिन मोहब्बत न थी....
           ना जाने जिंदगी का कैसा ये सफर था....

बहुत सुहाना सफर था,
ना जाने आंसुओं से भरा जिंदगी का हंसता हुआ कैसा ये सफर था ....
              ....अनुराग

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